Monday, March 22, 2021



"SUPREME COURT"का महत्वपूर्ण फैसला: शराब से हुई मौत को बिमा क्लेम के लिए बताया अनुपयुक्त !



सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक निर्णायक फैसला सुनाया है. यह बात 1997 की है, जब हिमाचल प्रदेश के शिमला में राज्य वन विभाग में  तैनात एक चोकीदार की 24 अप्रैल की मध्य रात्री को दम घुटने से म्रत्यु हो गयी थी. पोस्ट मोर्टेम की रिपोर्ट ने खुलासा किया की व्यक्ति की म्रत्यु शराब का अत्यधिक सेवन करने से दम घुटने के कारण हुई है. 

    ऐसे में सवाल यह उठता था कि क्या व्यक्ति को बिमा का क्लेम मिलेगा या नहीं? बिमा कंपनी ने इसे दुर्घटना न बताते हुए बिमा क्लेम देने से मन कर दिया.


    जस्टिस ऍम ऍम शंतान्गोदर और जस्टिस विनीत सरन की बेंच ने राष्ट्रिय उपभोगता विवाद निवारण आयोग के आदेश को बरकरार करते हुए कहा की व्यक्ति की म्रत्यु किसी दुर्घटना के कारण नहीं हुई है बल्कि मौत का कारण शराब का अत्यधिक सेवन है और इसका बिमा क्लेम मिलना असंवेधानिक होगा. ऐसा कहते हुए supreme court ने व्यक्ति की कानूनी उत्तराधिकारी नर्बदा देवी की याचिका को खारिज कर दिया. court ने कहा की ऐसी म्रत्यु किसी दुर्घटना के तेहत नहीं आती और इसलिए बिमा कंपनी का क्लेम देने का कोई दायित्व नहीं बनता.


supreme court का यह निर्णय इस बात को भी स्पष्ट कर देता है कि बिमा कराते वक्त बिमा कंपनी की नीतियों को अच्छे से पढ़ लेना अत्यंत आवश्यक है. यह फैसला केवल एक फैसला नहीं है यह सभी बिमा धारको के लिए एक उदहारण है, ताकि वे बिमा कराने से पहले सभी नीतियों को स्पष्ट रूप से समझ ले और फैसला करे.




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